किसानों को पादप सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ.सत्यपाल सिंह ने मशरूम की खेती करने का प्रशिक्षण दिया। बताया कि इसके करने से उनकी अतिरिक्त आमदनी बढ़ेगी। एक बार खेती करने पर अन्य किसान खुद ही मशरूम के लिए आगे आएंगे। कृषि विज्ञान केंद्र पर किसानों को मशरूम की खेती करने के लिए सोमवार से पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया। जिसके दूसरे दिन कृषि विज्ञान केंद्र के पादप सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ.सत्यपाल सिंह ने किसानों को प्रशिक्षण दिया। बताया कि मशरूम चार तरह की होती है। इसे करने में अधिक लागत नहीं आती, जबकि आमदनी में काफी इजाफा होता है। परंपरागत खेती कर रहे किसानों के लिए मशरूम की खेती वरदान सिद्ध हो सकती है। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ.एके मिश्र, डॉ.अमित तोमर, डॉ.शीशपाल सिंह डॉ.आरपी सिंह ने भी किसानों को जागरूक किया। इस मौके पर सौरभ त्यागी, अवनीश कुमार, नीरज कुमार, रीना रानी, राजकुमार, अमित कुमार गुप्ता, पुष्पेंद्र सिंह, राजू कुमार, अमित देवल, भूपेंद्र सिंह आदि ने मशरूम की खेती करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।