चैत्र माह की अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे के उद्घोष संग पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे धार्मिक अनुष्ठान कराए। पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर तृप्त किया गया। प्रसाद का वितरण किया। तिगरी निवासी पंडित गंगाशरण शर्मा के मुताबिक सोमवार को चैत्र माह की अमावस्या होने के कारण श्रद्धालु स्नान कर पुण्य कमाने के लिए जल्दी ही ब्रजघाट व तिगरी में गंगा तट पर पहुंच गए। सूरज की किरण निकलने से पहले ही श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे के उदघोष संग पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाना शुरू कर दिया।