सांसद लालजी वर्मा ने कहा कि नारी वंदन अधिनियम न लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को दोषी ठहराया। वास्तविकता है कि वर्ष 2023 में पूरे विपक्ष ने इसे पास करने का काम किया। भाजपा ने स्वयं इसे परिसीमन और अगली जनगणना के तहत जोड़कर संशोधित करने का काम किया है। भाजपा ने जानबूझकर परिसीमन के बाद लागू करने का प्रावधान किया था। लोकतंत्र को कमजोर करने और 2029 में अपनी हार से बचने के लिए 2023 की जगह यह संशोधन लाने का प्रयास किया गया है। पूरा विपक्ष चाहता है कि वर्तमान सीटों के आधार पर 33 प्रतिशत आरक्षण दे दिया जाए। यह विधानसभा और लोकसभा में लागू कर दिया जाए। संविधान संशोधन में 334 ए को हटाना था। अगर हटा दें तो यह फिर से पारित हो जाता। भारतीय जनता पार्टी केवल महिलाओं को गुमराह कर रही है। लोकसभा में सीटें बढ़ाने का प्रावधान करने के लिए यह बिल लाया गया है। संघीय ढांचे को अपने स्वार्थ को कमजोर करना चाहती है और विपक्ष ने एकजुट होकर उनके मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया।