मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ में 91 वर्षीय इंद्रावती देवी की हत्या और लूट की वारदात को छह दिन बीत गए, लेकिन पुलिस अभी तक हत्यारों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। पुराने हत्या और लूट के मामलों में शामिल अपराधियों से पूछताछ के साथ गांव और आसपास के इलाकों में सादे कपड़ों में निगरानी भी की जा रही है। इसके बावजूद अब तक पुलिस को ऐसा ठोस सुराग नहीं मिला है, जिससे हत्यारों तक सीधे पहुंचा जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस गांव और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। पुराने अपराधियों का रिकॉर्ड खंगालकर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले और बाद में गांव में कौन-कौन लोग सक्रिय थे और बाहर से किसी संदिग्ध व्यक्ति की सक्रियता तो नहीं थी। घर में अकेली थीं इंद्रावती रूढ़ा धमरूआ निवासी इंद्रावती देवी पिछले करीब दो सप्ताह से गांव स्थित अपने पैतृक घर में अकेली रह रही थीं। 15 अगस्त की शाम उनके बेटे आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा उनसे मिलने गांव आए थे। इसके बाद वह वापस चले गए। अगले दिन 16 अगस्त को उनके चाचा सचिंद्र मिश्रा ने फोन कर इंद्रावती की तबीयत खराब होने और मौत की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर इंद्रावती का शव मिला। शुरुआती तौर पर हार्ट अटैक से मौत की बात सामने आई थी, लेकिन उनके शरीर से जेवर गायब मिलने के बाद मामला संदिग्ध हो गया। इसके बाद हत्या और लूट प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।