अंबेडकरनगर में उमस भरी गर्मी के बीच जिले में बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, शाम ढलते ही बिजली की आंख-मिचौली शुरू हो जाती है, जिससे घरेलू कामकाज, व्यापार और विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली व्यवस्था में सुधार के बजाय हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बैरमपुर बरवा उपकेंद्र से जुड़े लगभग 150 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। इनमें शिवबाबा, रामनगर पहितीपुर, महामाया इंजीनियरिंग कॉलेज, मिर्जापुर और अकबरपुर टाउन फीडर शामिल हैं। मीरानपुर, नाका चुंगी के शिव शंकर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में शायद ही कोई ऐसा दिन बचा हो, जब दिन-रात बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या न हो। इससे आम लोगों के साथ छोटे कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली के तार जर्जर हो चुके हैं। आए दिन टूटकर गिर जाने से घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। कई बार अधिकारियों से शिकायत के बाद भी जर्जर हो चुके तारों को विभाग बदलवा रहा है। नाका चुंगी के प्रदीप कुमार ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा लगाए गए बिजली केबल जर्जर हो गए हैं। जगह जगह बिजली के तारों में जोड़ लग गए हैं। इसके चलते बिजली का लोड़ बढ़ने के साथ ही बिजली तार टूटने से दिन-रात कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। लो-वोल्टेज के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।