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अंबेडकर नगर में श्रवण धाम के स्तवन महोत्सव में कुमार विश्वास की कविताओं ने बांधा समां

भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 20 Jan 2026 01:31 PM IST

अंबेडकर नगर में मातृ-पितृ भक्ति के केंद्र श्रवण धाम में आयोजित स्तवन महोत्सव का दूसरा दिन साहित्य और काव्य प्रेमियों के लिए स्मरणीय रहा। प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास ने अपनी ओजपूर्ण और भावपूर्ण कविताओं से हजारों श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर आते ही उनका भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने मां सरस्वती को नमन कर अपनी लोकप्रिय रचनाओं से काव्य पाठ शुरू किया। डॉ. कुमार विश्वास ने "तुम्हीं पे शाम हो जाना, तुम्हीं पर भोर हो जाना" और "कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है" जैसी कविताओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने श्रवण कुमार और भगवान राम की कथा को जोड़ते हुए इस पावन तपोभूमि को नमन किया। उन्होंने बताया कि जनपद में यह उनका दूसरा कार्यक्रम था, पहला शिव बाबा और दूसरा श्रवण धाम। उनकी अंतिम कविता "भवानी सुन लो राम कहानी, रोज नहीं लगती है लेकिन है ये परम पुरानी" ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। वीर रस के कवि अभय सिंह निर्भीक ने सीमा पर तैनात जवानों को समर्पित कविता सुनाई, जिसने श्रोताओं को भावुक कर दिया। मुंबई से आए हास्य कवि दिनेश बाबरा ने अपनी व्यंग्यात्मक कविताओं से दर्शकों को खूब हंसाया। प्रेम रस की कवयित्री साक्षी तिवारी ने युवाओं के दिलों को छूने वाली रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में रेलवे यात्रा, सामाजिक अनुभव और राजनीति पर आधारित काव्य पंक्तियों ने भी खूब तालियां बटोरीं। पूरे महोत्सव में "जय श्री राम" के जयकारे गूंजते रहे, जिसने इसे साहित्य, भक्ति और मनोरंजन का एक यादगार संगम बना दिया।

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