गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में मौनी अमावस्या पर आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया है। श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। मेला प्रशासन के अनुसार माघ मेले के तृतीय स्नान पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर शाम चार बजे तक लगभग 1 करोड़ 95 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।