माघ मेले में ओल्ड जीटी मार्ग पर स्थित गैवीनाथ के पंडाल में दंडी संन्यासियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान करीब एक हजार दंडी संन्यासियों को कंबल, च्यवनप्राश देकर और अचला ओढाकर उनको सम्मानित किया गया। विश्व स्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि देव, दनुज, किन्नर सभी स्नान के लिए आते हैं। माघ मेले में स्नान करने से पुण्य लाभ मिलता है। आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है।