पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज सातवें दिन ही बाबा बर्फानी के अंतर्धान होने की खबर से जहां शुरुआती दौर में श्रद्धालुओं में थोड़ी निराशा देखी गई थी, वहीं अब शिवभक्तों की आस्था इस विपरीत परिस्थिति पर भारी पड़ती नजर आ रही है। हिम शिवलिंग के पिघल जाने के बाद भी आगरा से गए और पंजीकरण करा रहे श्रद्धालुओं ने कदम पीछे नहीं खींचे हैं। तीर्थयात्रियों का कहना है कि बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा का दर्शन ही अपने आप में मोक्षदायक है। शिवलिंग का पिघलना एक प्राकृतिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिससे उनकी अटूट आस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। वे बाबा के साक्षात स्वरूप के दर्शन न हो पाने के मलाल को भूलकर, पवित्र गुफा की पावन मिट्टी और वहां प्रवाहित होने वाली अमरगंगा के जल को माथे से लगाकर आत्मिक संतोष प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।