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VIDEO: कीटनाशक के लिए प्रस्तावित कानून से ठप हो जाएगा कारोबार

अरुन पाराशर Updated Sat, 07 Feb 2026 05:06 PM IST

आगरा के जीवनी मंडी स्थित नेशनल चैंबर सभागार में बीज-कीटनाशक के थोक विक्रेताओं ने बैठक कर नए प्रस्तावित कीटनाशक प्रबंधन विधेयक का विरोध किया। व्यापारियों का तर्क है कि इस नियम से कारोबार ठप हो जाएगा और दुकानें बंद करनी पड़ेंगी। इसके खिलाफ नाराजगी जताते हुए व्यापारी सांसद के जरिये केंद्रीय कृषि मंत्री से मिलकर समस्या बताएंगे। आगरा बीज एवं कीटनाशक एसोसिएशन के संरक्षक मनीष अग्रवाल ने बताया कि जिले में बीज-कीटनाशक की 1000 से अधिक थोक और फुटकर की दुकानें हैं। केंद्र सरकार के प्रस्तावित नए कानून में बीज-कीटनाशक और उर्वरक का नमूना फेल होने पर विक्रेता पर 50 हजार से 30 लाख रुपये तक का जुर्माना है। पहले 15 हजार रुपये का जुर्माना था। नमूना फेल होने में विक्रेता का कोई दोष नहीं है। निर्माता कंपनी पर कार्रवाई की जानी चाहिए। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर मालपानी ने बताया कि नकली और घटिया कीटनाशकों की रोकथाम के लिए वेयरहाउस स्तर पर ही सैंपलिंग अनिवार्य की जाए। इससे बाजार में आने से पहले ही उत्पाद चिह्नित हो जाएगा और इसकी बिक्री आसानी से रुक जाएगी। बार कोड से ही सामान की बिक्री अनिवार्य होगी, जिससे छोटे दुकानदार के लिए ये आसान नहीं है। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि एक्सपायर्ड कीटनाशकों के सुरक्षित निपटान की तकनीकी सुविधा विक्रेताओं के पास नहीं है। ऐसे में एक्सपायर्ड स्टॉक की कंपनियों को वापसी अनिवार्य की जाए। महामंत्री किशन सिंह ने लाइसेंस हस्तांतरण प्रक्रिया को सरल बनाने, लाइसेंस में नॉमिनी का प्रावधान जोड़ने और बीज-उर्वरक की तरह यूनिफाइड लाइसेंस सिस्टम लागू भी किया जाए। इन सभी मांगों के लिए सांसद राजकुमार चाहर से मिलकर केंद्रीय कृषि मंत्री को ज्ञापन देंगे। बैठक में रवि शर्मा, सन्नी अग्रवाल, सौरभ गुप्ता, आयुष शुक्ला, नरेंद्र नागवानी, विपुल शुक्ला, कुलदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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