आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर रविवार दोपहर बंगलूरू की फ्लाइट में जाने से पहले चेकिंग में डेनमार्क के पर्यटक को तीन कारतूस के साथ पकड़ लिया गया। पर्यटक के बैग में कारतूस रखे हुए थे। बैग स्कैनर से चेकिंग में पता चलने पर सीआईएसएफ कर्मियों ने उसे पकड़ा। उसके साथ बेटा भी था, जो बंगलूरू की कंपनी में इंजीनियरिंग की इंटर्नशिप कर रहा है। सोमवार को देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी क्रिस्टेनसन जैस्पर है। वह डेनमार्क का है, 10 दिसंबर को भारत आया था। दिल्ली में एयरपोर्ट पर उतरने के बाद जयपुर घूमने के लिए गया। वह कार से बेटे जैकब के साथ आगरा घूमने निकला था। ताजमहल देखने के बाद रविवार दोपहर 2 बजे इंडिगो की फ्लाइट से जाने वाले थे। सीआईएसएफ ने बैग को स्कैनर में लगाया तो कारतूस नजर आए। इस पर तलाशी ली गई। तीन कारतूस बैग में रखे हुए मिल गए। पर्यटक को थाना शाहगंज लाया गया। सुरक्षा में चूक की भी बात सामने आई। बाद में आईबी सहित अन्य अधिकारियों ने पूछताछ की। पुलिस की पूछताछ में क्रिस्टेनसन जैस्पर ने बताया कि वह शिकारी हैं। उनके पास लाइसेंसी हथियार है। बैग में गलती से कारतूस रखे हुए आ गए। उन्हें नहीं पता था कि कारतूस है। हालांकि मामले में सीआईएसएफ के सुरक्षा अधिकारी ने पुलिस को तहरीर दी। इस आधार पर आयुध अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज की गई। मंगलवार को पर्यटक को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पर्यटक ने गलती से बैग में कारतूस आने की बात कही है जबकि वो दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतरा था। वहां भी विदेशी नागरिकों के सामान की चेकिंग की जाती है। सवाल उठ रहा है कि चेकिंग में बैग से कारतूस क्यों नहीं मिले जबकि आगरा में चेकिंग कारतूस बरामद हो गए।