बैंक से लोन लेकर पीड़ित ने बिल्डर से 1.41 करोड़ का फ्लैट खरीदा। जब फ्लैट देखने अपार्टमेंट पहुंचा तो वहां कोई और रह रहा था। बिल्डर ने उस फ्लैट को किसी अन्य को बेचकर कब्जा दे दिया। शिकायत पर थाना हरीपर्वत में प्राथमिकी दर्ज हुई है। भरतपुर हाउस निवासी दिलीप कुमार सिंह ने कि बताया कि खंदारी स्थित नालंदा प्राइड अपार्टमेंट में नालंदा बिल्डर राधेश्याम शर्मा, अशोक कुमार तिवारी, अंकुर दुबे व सुशील कुमार सिंह से खरीदा था। फ्लैट खरीद के लिए एक्सिस बैंक, संजय प्लेस शाखा से 88.75 लाख रुपये का लोन और स्वयं के जमा किए 53 लाख रुपये चेक के माध्यम से बिल्डर को दिए। कुल मिलाकर 1.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। 30 जनवरी 2014 को बैंक, बिल्डर और खरीदार के बीच एग्रीमेंट भी हुआ था। फ्लैट बैंक के पास बंधक है। दिसंबर 2025 में जब फ्लैट देखने पहुंचे तो उसमें एक किराएदार रहता मिला। सोसाइटी कार्यालय में जानकारी करने पर फ्लैट श्याम बंसल के नाम दर्ज मिला। बिल्डर ने बिना जानकारी दिए उसी फ्लैट को दूसरी बार बेच दिया। थाना प्रभारी हरीपर्वत ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।