देश में जो लोग एक दूसरे को धर्म और जाति के आधार पर, पहनावे और बोली के आधार पर बांटने और तोड़ने में लगे हैं, उनके लिए बाबा बादाम शाह की दरगाह पर जाना बेहद जरूरी है। एक फकीर की दरगाह के पास ही एक शिवलिंग स्थापित है और तो और, इस शिवलिंग को खुद बाबा बादाम ने ही स्थापित किया। यहां मुस्लिम शिवाले की देख-रेख, साफ-सफाई और पूजा-आरती भी करते हैं।