हरिशंकर परसाई ने अपने एक व्यंग्य में प्रजातंत्र को बचाने के सवाल को मजेदार तरीके से उठाया था। उन्होंने कहा ये प्रजातंत्र कैसे बचेगा और बच भी गया तो इसका करेंगे क्या? उस दौर के किस्सों को उन्होंने शामिल किया था लेकिन उनका एक किरदार भैया जी अब भी मौजूं है। वो भैया जी से पूछते हैं कि प्रजातंत्र कैसे बचेगा। भैया जी जवाब में कहते हैं 'हमें तो बस इतना पता है हम बचेंगे तो प्रजातंत्र बचेगा'। अब चलूं जरा टिकिट की जुगाड़ करनी है। एक लाइन में भारतीय टिकट पार्टी की बेहतरीन भूमिका परसाई जी ने रख दी थी। देखिए भारतीय लोकतंत्र की वास्तविकता से जुड़ी ये खास रिपोर्ट।