अमर उजाला ने साहित्यकारों के उच्च स्तरीय संवाद और हिंदी भाषा के सम्मान में `अमर उजाला बैठक` का आयोजन किया। इसकी तीसरी कड़ी में सुप्रसिद्ध आलोचक सुधीश पचौरी और सुविख्यात कवि अशोक वाजपेयी में दिलचस्प संवाद और वाद-विवाद हुआ। कवि अशोक बाजपेयी ने मार्क्सवाद पर तंज कसा साथ ही उन्होंने कहा कि विकृति लेनिन और स्टालिन में जरूर रही होगी। आप भी सुनिए, उन्होंने क्या विचार रखे और इस पर आलोचक सुधीश पचौरी ने क्या कटाक्ष किया।