राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उज्ज्वल ग्राम संगठन की महिलाओं ने अरारोट से होली के रंग तैयार किए हैं। इन्हें तैयार करने में महिलाओं को करीब दो माह का समय लगा है। खास बात यह है कि स्वयं तैयार किए गए रंगों के कोई भी दुष्प्रभाव नहीं हैं। वहीं एलर्जी समेत अन्य प्रभाव भी शरीर पर नहीं डालेगी। रंगों को तैयार कर महिलाओं ने स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया है। शहर के मालरोड पर महिलाओं ने रंगों की दुकान को सजाया हुआ है। गुलाल, हरा समेत अन्य रंग की बिक्री की जा रही है। इस रंग की 30 रुपये प्रति 100 ग्राम है। इन रंगों की बाजार में काफी मांग है। आगामी दिनों में भी यह रंग शहर के मालरोड पर उपलब्ध रहेंगे।