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Shimla Crime News: चिट्टा तस्करी पर शिमला पुलिस का बड़ा प्रहार, पंजाब-हरियाणा से तीन किंगपिन गिरफ्तार

शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ अभियान को नई दिशा देते हुए केवल नशा बरामद करने या कैरियरों की गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय पूरे सप्लाई नेटवर्क के मुख्य संचालकों (किंगपिन) तक पहुंचकर कार्रवाई तेज कर दी है। दो अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में वैज्ञानिक, तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर पंजाब और हरियाणा से तीन मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस थाना पश्चिमी शिमला के तहत 8 जुलाई 2026 को स्पेशल सेल ने शोघी बैरियर पर एचआरटीसी बस की जांच के दौरान कुमारसैन निवासी 19 वर्षीय अनुज राजटा के कब्जे से छह ग्राम चिट्टा बरामद किया था। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR), डिजिटल साक्ष्यों और गूगल पे सहित वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया गया। जांच में पंजाब के कपूरथला निवासी साजन सिंह और फिरोजपुर निवासी जतिन कुमार की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार साजन सिंह नेटवर्क का मुख्य संचालक (किंगपिन) था, जबकि जतिन कुमार चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में चिट्टे की सप्लाई करता था। जांच में यह भी सामने आया कि अनुज राजटा ने चंडीगढ़ में जतिन कुमार से चिट्टा खरीदा था और 10,500 रुपये गूगल पे के माध्यम से साजन सिंह को भेजे थे। दूसरा मामला पुलिस थाना रामपुर का है। 17 जुलाई 2026 को डिटेक्शन सेल रामपुर ने रोपड़ू नाला क्षेत्र में एक कार से किन्नौर निवासी अजेन्द्र कुमार, कुल्लू निवासी मोनिका और ननखड़ी निवासी निखिल के कब्जे से नौ ग्राम चिट्टा, डिजिटल वज़न मशीन और 26 हजार रुपये नकद बरामद किए थे। मामले की जांच में मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण से पता चला कि मोनिका और निखिल ने चंडीगढ़ के मनीमाजरा क्षेत्र में सक्रिय रवि उर्फ रवि गिल से चिट्टा खरीदा था। पुलिस के अनुसार रवि गिल ऑटो चालक की आड़ में नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हरियाणा के पिंजौर में दबिश देकर रवि उर्फ रवि गिल को गिरफ्तार कर लिया। शिमला पुलिस के अनुसार अब प्रत्येक एनडीपीएस मामले में बैकवर्ड लिंकेज स्थापित कर मुख्य सप्लायरों, वित्तीय नेटवर्क और अंतरराज्यीय सप्लाई चेन तक पहुंचना प्राथमिकता है। इसी रणनीति के तहत वर्ष 2026 में अब तक 63 मुख्य सप्लायर (किंगपिन) गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 48 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। वर्ष 2025 में 7 मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी और 4 नेटवर्क ध्वस्त हुए थे, जबकि 2024 में 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार हुए थे और 2 नेटवर्क तोड़े गए थे।

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