राजधानी शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर के टेवरन हॉल में आयोजित कारीगरों के कला एवं शिल्प मेले में दूसरे दिन भी खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ी। मेले में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बनारसी साड़ियां बनी हुई हैं, जिन्हें महिलाएं खासा पसंद कर रही हैं। फैमको हैंडलूम कोऑपरेटिव सोसायटी की ओर से आयोजित दस दिवसीय इस मेले में काशी सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए नौ कारीगर अपनी पारंपरिक हस्तशिल्प कला और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। मेले में कुल 12 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां हाथ से तैयार किए गए वस्त्र, पारंपरिक कलाकृतियां और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। मेले में पहुंचे कारीगरों का कहना है कि बनारसी साड़ियों की उत्कृष्ट बुनाई, आकर्षक डिजाइन और पारंपरिक कारीगरी महिलाओं को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रही है। इसके अलावा अन्य राज्यों के हस्तशिल्प उत्पादों को भी लोग पसंद कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार मेले का उद्देश्य पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को देश की विभिन्न सांस्कृतिक कलाओं से परिचित कराना है। आने वाले दिनों में भी बड़ी संख्या में लोगों के मेले में पहुंचने की उम्मीद है।