जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां बचत भवन में आयोजित की गई। शिक्षा मंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जन शिकायत निवारण समिति में सामाजिक मुददों को प्रभावी तरीके से उठाया गया। विभागों ने इन मुददों के समाधान को लेकर मौजूदा स्थिति एवं रणनीति के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी रखी। आपदा के कारण जिला शिमला में वर्ष 2023 और 2025 में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था। प्रदेश सरकार ने प्रभावितों के लिए हर संभव सहायता मुहैया करवाई है। सड़कों, पेयजल योजनाओं, घरों आदि काफी क्षतिग्रस्त हुए थे। लेकिन सरकार के विशेष आपदा राहत पैकेज की वजह से अब स्थितियां सामान्य हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आरडीजी बंद होने से सरकार को वित्तीय घाटा हो रहा है परन्तु सरकार जनकल्याण हेतु प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन बैठक में रखे गए मुददों के समाधान के लिए धरातल पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जन समस्याओं के समाधान के लिए तीव्रता से कार्य करें ताकि जनता को किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि दुनिया में पेट्रोल डीजल की किल्लत हो रही है। इस वजह से जिला शिमला में बागबानी क्षेत्र से जुड़े बागवानों को भी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। सड़कों में टारिंग के लिए भी डीजल की किल्लत से परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। प्रशाासन पेट्रोल डीजल की प्रयाप्त पूर्ति के लिए कार्य करें। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस साल के अंत में फिर से जन शिकायत समिति की बैठक की जाएगी और जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों का निवारण सुनिश्चित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने सरस्वती पैराडाइज स्कूल के मामले में मृतिका के हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार करने पर शिमला पुलिस को बधाई दी। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि जिला शिकायत निवारण समिति एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। यह समिति जिला स्तर पर कार्य करती है तथा नागरिकों और प्रशासन के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती है। समिति के माध्यम से विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों, समस्याओं एवं सुझावों की सुनवाई की जाती है और उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। जिला शिकायत निवारण समिति का मुख्य उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनविश्वास को बढ़ावा देना है। यह समिति शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की नियमित समीक्षा भी करती है, जिससे लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान हो सके। इसके माध्यम से जनता को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु एक प्रभावी मंच प्राप्त होता है तथा प्रशासन को जनहित से जुड़े मुद्दों की जानकारी मिलती है। एडीसी सचिन शर्मा ने बैठक की कार्यवाई का संचालन किया और क्रमवार मदों को पढ़ा।