बुधवार को हिमाचल स्थापना दिवस के अवसर पर शिमला के रिज मैदान पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश के गठन व स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी तो हमें 76 हजार करोड़ का कर्जा और 10 हजार करोड़ की कर्मचारियों की लंबित देनदारियां विरासत में मिलीं। खराब वित्तीय कुप्रबंधन के चलते प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब हुई। वर्तमान में कर्ज का मूल और ब्याज चुकाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। कर्ज चुकाने के लिए 26 हजार करोड़ का कर्ज चुकाया गया है। 16वें वित्त आयोग ने आरडीजी ग्रांट बंद करने की सिफारिश की। आरडीजी व जीएसटी अनुदान खत्म होने से प्रदेश को प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है। वर्तमान सरकार ने पिछले 3 सालो में 50 हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व एकत्रित किया। प्रदेश कर्मचारियों को ओपीएस लागू की तो केंद्र ने बजट में 2000 करोड़ का नुकसान हुआ है। लेकिन हम ओपीएस को बंद नही करेंगे। प्रदेश में शिक्षा को मजबूत करने के लिए 150 स्कूलों को सीबीएसई बनाया है। सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना सरकार का लक्ष्य है। सरकार ने तीन सालों में 1 लाख नए सामाजिक सुरक्षा के मामलों को मंजूरी दी है। कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं। सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी खरीद कर स्वास्थ्य क्षेत्रो को मजबूती मिल रही है। देश के सभी राज्यों में एयरपोर्ट व रेलवे के लिए मदद कर रही है लेकिन केंद्र इसमे पहाड़ी प्रदेश की अनदेखी कर रही है। सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रयास कर रही है। कांगड़ा में एरो सिटी, बद्दी नालागढ़ में मिनी चंडीगढ़ बना रहे है। इस दौरान कार्यक्रम में विभिन्न स्कूली छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।