सीएम सुक्खू ने कहा कि पांच साल पहले मेरी भी रोबोटिक सर्जरी हुई थी। मेरे मन में एक सोच थी कि रोबोटिक सर्जरी हिमाचल के अस्पतालों में भी होनी चाहिए। आज उस सोच को धरातल पर लाने में सफल हुए हैं और और पहला ऑपरेशन हुआ है। इसका फायदा प्रदेश में आम लोगों को होगा। कहा कि एम्स के स्तर की मेडिकल टेक्नोलॉजी चमियाना, आईजीएमसी, टांडा, नेरचाैक व हमीरपुर मेडिकल काॅलेज में दी जाएंगी। 2030 तक 3,000 करोड़ रुपये मेडिकल टेक्नोलॉजी पर खर्च किए जाएंगे। जायका से 1340 करोड़ का प्रोजेक्ट जल्द मंजूर होगा। जहां भी पुरानी एक्सरे मशीनें लगी हैं, उन्हें बदला जाएगा। आईजीएमसी में एमआरआई की मशीन बदली जाएगी।