जिले में गौ तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इस अभियान के तहत रात्रि गश्त को और प्रभावी बनाने के लिए क्यूआरटी टीम का गठन किया गया है, जो पूरी रात जिले में निगरानी रखेगी।
अलवर पुलिस अधीक्षक संजीव नैन ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में गौ तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस बल को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। जिले के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सख्त जांच की जा रही है, जिससे संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की कड़ी निगरानी रखी जा सके। साथ ही अवैध हथियार रखने और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त अपराधियों पर भी कार्रवाई तेज कर दी गई है।
गौ तस्करी और अवैध गतिविधियों की घटनाएं दिल्ली-मुंबई हाईवे पर अधिक देखी जाती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अलवर पुलिस ने दौसा, हरियाणा और भरतपुर पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत हर संदिग्ध वाहन की कड़ी जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि गौ तस्करी रोकने में गौ सेवकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है। पुलिस को समय-समय पर उनसे इनपुट मिलते हैं, जिनके आधार पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
एसपी संजीव नैन ने कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नाकाबंदी को और सख्त किया जाएगा। पुलिस प्रशासन लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है, जिससे जिले में शांति और सुरक्षा बनी रहे।