अलवर एसीबी ने राजस्व अपील अधिकारी कोर्ट के बाबू जितेंद्र मीणा को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मीणा ने जमीन के खाते से स्टे हटवाने के लिए यह रिश्वत मांगी थी। आरोपी को कलेक्ट्रेट परिसर में रिश्वत राशि लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
रिश्वत लेकर स्टे लगवाने और हटाने का खेल
परिवादी रमनलाल सैनी ने बताया कि उन्होंने नारायणपुर में एक स्कूल के लिए जमीन खरीदी थी और उसका अलग खाता भी खुलवाया था लेकिन विपक्षी पार्टी ने आरएए कोर्ट स्टे लगवा दिया था। बताया जा रहा है कि बाबू जितेंद्र मीणा ने पहले विपक्षी पार्टी से रिश्वत लेकर स्टे लगवाया और फिर स्टे हटाने के बदले में डेढ़ लाख रुपए की मांग की।
रमनलाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बाबू ने खुलेआम कहा कि रिश्वत की राशि RAA और रीडर तक जाएगी। इसके बाद पीड़ित ने बाबू की हरकतों की जानकारी एसीबी को दी, जिस पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी द्वारा रिश्वत की राशि राजस्व अपील अधिकारी तक जाने की बात के बाद आरएए संजू शर्मा भी शक के दायरे में आ गईं। कार्रवाई के दौरान हालांकि वे कार्यालय में नहीं थीं और उन पर सीधे तौर पर कोई आरोप भी नहीं है लेकिन एसीबी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एसीबी डीएसपी महेंद्र मीणा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को लेकर फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच की जा रही है कि मामले में और कौन-कौन शामिल है।