जालंधर में मंगलवार को प्रोफेसर एमपी सिंह (केमिस्ट्री गुरु) की अध्यक्षता में मिशन 6213 पंजाब एंड कोचिंग फेडरेशन की टीम ने डीसी-मेयर को मुख्यमंत्री पंजाब के नाम मांगपत्र सौंपा। टीम ने एयर पॉल्यूशन और नॉइज पॉल्यूशन के बढ़ते खतरे को देखते हुए ठोस कार्रवाई की मांग की। शहर में प्रदूषण की स्थिति इस हद तक पहुंच चुकी है कि यह अब सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। विशेषकर स्कूलों, अस्पतालों और रिहायशी इलाकों में डेसिबल लेवल लगातार तय सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे नागरिकों की शांति, स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उनकी मुख्य मांगों में मुख्य सड़कों पर नॉइज बैरियर्स का निर्माण, कार्बन-आधारित ईंधन की जगह नेचुरल गैस को बढ़ावा, स्कूलों और अस्पतालों के पास कंट्रोल्ड डेसिबल बोर्ड अनिवार्य, शहर में स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन, जालंधर को वास्तविक स्मार्ट सिटी बनाने के लिए बिना अतिक्रमण से सुरक्षित फुटपाथ जरूरी, पार्किंग की कमी और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए कानूनों का सख्त लागू होना, नई पार्किंग सुविधाएं और अवैध कब्जों पर कार्यवाही, प्रतिदिन निकलने वाले 300-500 टन कचरे के प्रबंधन के लिए पर्याप्त डस्टबिन सिस्टम और ठोस कचरा प्रबंधन योजना, तेज आवाज वाले हॉर्न और एग्जॉस्ट सिस्टम की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध के अलावा शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक ग्रीन प्लांटेशन से एयर एवं नॉइज पॉल्यूशन में कमी शामिल हैं। इस मेमोरेंडम के जरिए टीम ने मांग की कि जालंधर को एक स्मार्ट, शांत और स्वस्थ शहर बनाने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएं।