सांझा मुलाजम मंच तालमेल कमेटी पंजाब के 21 और 22 अक्टूबर को महाबंद के आह्वान के तहत बुधवार को डीसी कार्यालय कर्मचारी यूनियन पठानकोट ने कामकाज पूरी तरह ठप रखा। इस दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी मांगों को लेकर रोष जताया। यूनियन ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। डीसी कार्यालय कर्मचारी यूनियन पंजाब के प्रधान सरदार तेजिंदर सिंह नंगल और जनरल सचिव सरदार नरेंद्र सिंह चीमा के निर्देशों पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले चुनावों में उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से जल्द मांगों को पूरा करने की अपील की। आम जनता को होने वाली परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार: यूनियन यूनियन नेताओं ने कहा कि 21 और 22 अक्टूबर को महाबंद के कारण आम लोगों को सरकारी कार्यालयों में अपने काम करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने इसके लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर चेयरमैन अमरजीत सिंह, जिला प्रधान जगदीप कातल, जनरल सचिव गुरदीप सफरी, प्रेस सचिव हीरा लाल, वित्त सचिव सुरजीत सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान अरुण कुमार और वरिष्ठ नेता राजेश कुमार सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया। इसके अलावा डीसी कार्यालय पठानकोट की दर्जा चार कर्मचारी यूनियन के प्रधान कुलदीप सिंह, सुपरिंटेंडेंट सतनाम सिंह, बलजीत सिंह, कवी राज, रमेश सिंह, राकेश पठानिया, यशपाल शर्मा, मोहम्मद रफीक, हिम्मत सिंह, सोनू मित्तल और लवजीत सहित कार्यालय के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।