फिरोजपुर में रामलीला के समापन पर रेड क्रॉस से सेवानिवृत सचिव अशोक बहल ने दर्शकों से कहा कि आप सभी अपने घरों, मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं पर आरती सुनते हैं, ओम जय जगदीश हरे। इस आरती के रचयिता धर्म रक्षक पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी हैं। उनका जन्म दिवस हर साल रामलीला वाले मानते हैं। बहल ने बताया कि पंडित जी सभी भाषा के ज्ञानी थे और उन्होंने बहुत सी पुस्तकें लिखी हैं। वर्ष 1863 में कपूरथला के राजा पर धर्म परिवर्तन करने पर जोर डाला जा गया था। राजा तैयार भी हो गए थे। जब इस बात की जानकारी पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी को मिली तो उन्होंने राजा को समझाया और राजा ने धर्म परिवर्तन करने का निर्णय बदला। इस बात के लिए पंडित जी को सजा भी हुई। उसके बाद पंडित जी ने नारी सशक्तिकरण के लिए फिल्लौर में हरि मंदिर का निर्माण कराया और यह मंदिर का कार्य महिलाओं ने खुद किया।