पठानकोट के सैली रोड निवासी बीएसएफ जवान सतीश कुमार 23 वर्षीय के आकस्मिक निधन की खबर सुनकर पूरा पठानकोट शोक में डूब गया। बताया गया कि सतीश कुमार गरीब परिवार का लड़का था जो मेहनत करके बीएसएफ में 2 साल पहले भर्ती होकर अपने परिवार का सहारा बना था। अचानक उसकी मृत्यु की खबर सुनकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बीएसएफ के जवान सतीश कुमार का पार्थिव शरीर लेकर सेना जवान उसके घर पहुंचे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और सतीश कुमार अमर रहे के नारे लगाए। बीएसएफ के जवानों द्वारा पूरे सम्मान और सलामी के साथ उसे अंतिम विदाई दी गई। शहरवासियों ने इस बहादुर जवान के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और ईश्वर से परिवार को इस कठिन समय में शक्ति देने की प्रार्थना की। सतीश पश्चिम बंगाल बीएसएफ की 176 वीं बटालियन में था। सतीश का परिवार एक ही कमरे में रहता था और इस बार छुट्टी आने पर परिवार को बड़ा घर बना बनाकर देने वाला था लेकिन उसकी मौत से सारे वादे अधूरे रह गए। दूसरी तरफ, हल्का इंचार्ज रोहित स्याल के मुताबिक पंजाब सरकार की नीति मुताबिक शहीद के परिवार को एक करोड़ की बनती राशि दिलाई जाएगी और परिवार के एक सदस्य को नौकरी के लिए सरकार को पत्र भी लिखेंगे।