फिरोजपुर के ब्लॉक ममदोट के गांव हजारा सिंह वाला निवासी बिमला ने बताया कि उनकी मां कैंसर की बीमारी से पीड़ित थीं। उनके इलाज के लिए परिवार ने अपनी जमीन तक बेच दी। मां का इलाज करवाने के लिए उन्हें बठिंडा, मुक्तसर, फरीदकोट और श्रीगंगानगर के विभिन्न अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। बिमला ने बताया कि मां के इलाज में परिवार की जमा पूंजी खत्म हो गई और अब उनके सिर पर करीब पांच लाख रुपये का कर्ज चढ़ चुका है। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद इलाज के दौरान सरकार की ओर से उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।