फगवाड़ा में शिवसेना नेता व उसके बेटे पर हुए हमले के संबंध में अब दूसरा पक्ष भी सामने आ गया है और उन्होंने पुलिस कार्रवाई को एक तरफा कार्रवाई बताते हुए इसका विरोध किया है। उन्होंने धारा 307 हटाने की मांग करते हुए कहा कि मौके से मिली सीसीटीवी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पहले जिम्मी करवल ने हमला किया था जिसके बाद लड़ाई हुई जबकि पुलिस ने उनके दबाव में एक तरफा नाजायज कार्रवाई की है। फगवाड़ा के दलित समाज ने आज एक बैठक कर एसपी माधवी शर्मा, एसएसपी गौरव यादव तथा डीएसपी और एसपी डी से मांग की है कि मामले में एक पक्ष के दबाव में ना आकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जो जमानत पर घूम रहे हैं, वे शहर का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दलित समुदाय किसी भी तरह से पुलिस की नाजायज कार्रवाई नहीं होने देगा।