पंजाब कांग्रेस में बगावत के सुर और तेज हो गए हैं। मोरिंडा के बाद पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी गुट के नाराज नेताओं ने शनिवार को चंडीगढ़ में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल के सामने शक्ति प्रदर्शन किया। बघेल इन नाराज नेताओं को मनाने विधायक राणा गुरजीत के घर बैठक करने गए थे मगर वहां उन्हें नाराज नेताओं की ताकत का सामना करना पड़ा। बैठक के दौरान बघेल बागी नेताओं की नाराजगी दूर नहीं कर पाए। उन्होंने नाराज नेताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी नेताओं की बात सुन ली गई है और वे नेताओं की भावनाओं से हाईकमान को अवगत करवा देंगे। ऐसे में बगावत खत्म करने के लिए गेंद अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पाले सरक गई है। बैठक में नाराज नेताओं ने एक सुर में कहा कि उन्हें मौजूदा सूबा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का नेतृत्व कतई स्वीकार नहीं है। नेताओं ने कहा, उन्हें पंजाब में कॉम्प्रोमाइज्ड (समझौतावादी) नेता नहीं चाहिए। चुनाव जीतना है तो सूबे का प्रधान धाकड़ होना चाहिए। उन्होंने बघेल से साफ कहा कि पूर्व सीएम चन्नी पंजाब में बड़ा चेहरा और स्वीकार्य चेहरा हैं। इस पर बैठक में सभी नेताओं ने हाथ खड़े किए और तालियां भी बजाईं। दरअसल, यह तय हुआ था कि शनिवार को बघेल चन्नी समेत उनके खेमे के दो वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे। इसी के चलते जब बघेल विधायक राणा गुरजीत के घर पहुंचे तो वहां चन्नी के साथ कुल 92 विधानसभा क्षेत्रों से 82 हलका प्रभारी, 12 विधायक और तीन सांसदों समेत कई पूर्व विधायक व मंत्री पहले से ही पहुंचे हुए थे।