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Chandigarh GST: टैक्स चोरी पकड़ने के लिए AI आधारित इंटेलिजेंट सॉफ्टवेयर, बिजली-पानी के डेटा से होगी जांच

Video Desk Amar Ujala Dot Com Updated Wed, 08 Jul 2026 01:18 PM IST

चंडीगढ़ प्रशासन का आबकारी एवं कराधान विभाग जीएसटी चोरी पर अंकुश लगाने के लिए एक अत्याधुनिक टैक्स इंटेलिजेंट सॉफ्टवेयर विकसित कर रहा है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए विभिन्न सरकारी विभागों के आंकड़ों का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाएगा कि कोई उद्योगपति, कारोबारी या व्यापारी अपनी वास्तविक बिक्री और उत्पादन के मुकाबले कम जीएसटी तो नहीं दिखा रहा। विभाग का मानना है कि इस तकनीक के लागू होने के बाद टैक्स चोरी के मामलों की पहचान पहले की तुलना में कहीं अधिक सटीक और तेज होगी। आबकारी एवं कराधान विभाग के एईटीसी प्रद्युमन सिंह ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर का मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी पर लगाम लगाना और ईमानदार करदाताओं के लिए पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रशासन के विभिन्न विभागों से डेटा साझा करने की व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे कारोबार की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा। विभाग सबसे पहले बिजली विभाग से मासिक बिजली खपत का रिकॉर्ड प्राप्त करेगा। किसी फैक्ट्री या औद्योगिक इकाई में बिजली की खपत उत्पादन क्षमता का संकेत होती है। यदि कोई उद्योग बड़ी मात्रा में बिजली का उपयोग कर रहा है लेकिन जीएसटी रिटर्न में उत्पादन या बिक्री बहुत कम दर्शा रहा है, तो सॉफ्टवेयर ऐसे मामलों को स्वतः चिन्हित कर देगा। इसी तरह नगर निगम से प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य रिकॉर्ड, एस्टेट ऑफिस से औद्योगिक एवं व्यावसायिक संपत्तियों की जानकारी, ट्रांसपोर्ट विभाग से माल परिवहन संबंधी डेटा तथा अन्य प्रशासनिक विभागों से उपलब्ध सूचनाएं भी इस प्लेटफॉर्म पर एकीकृत की जाएंगी। इन सभी आंकड़ों का विश्लेषण कर किसी भी कारोबारी की वास्तविक आर्थिक गतिविधियों का अनुमान लगाया जाएगा।

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