एसजीपीसी के सदस्य एडवोकेट अमनबीर सिंह सियाली ने पंजाब सरकार द्वारा ‘गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008’ में किए गए संशोधनों पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सिख संस्थाओं की राय लिए बिना कानून में बदलाव करना गलत है। संगत को जागरूक करने के लिए अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि कमेटी कार्यालय के बाहर फ्लेक्स बोर्ड लगाए गए हैं। अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सियाली ने कहा कि गुरु साहिब के सम्मान से जुड़े किसी भी कानून पर शिरोमणि कमेटी और अकाल तख्त की राय लेना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सिख मर्यादा और इतिहास को नजरअंदाज कर विधानसभा में बिल पास किया। उन्होंने कहा कि SGPC शुरू से ही बेअदबी मामलों में सख्त कानून और हत्या की धारा के तहत कार्रवाई की मांग करती रही है। लेकिन नए एक्ट में ग्रंथी सिंहों और संगत को ही जिम्मेदार बनाकर पुलिस दखल बढ़ाने का रास्ता खोल दिया गया है।