पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कांट्रैक्ट कर्मचारियों ने बुधवार को हड़ताल कर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के आह्वान पर कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सरकार पर बार-बार आश्वासन देने के बावजूद मांगें लागू नहीं करने का आरोप लगाया। यूनियन नेता जगराज सिंह ने कहा कि पिछले करीब चार वर्षों में सरकार के साथ मांगों को लेकर लगभग 60 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कांट्रैक्ट कर्मचारियों को सर्विस रूल्स के तहत नियमित करना, आउटसोर्स कर्मचारियों को कांट्रैक्ट पर लाने संबंधी वर्ष 2026 के कानून को लागू करना और किलोमीटर स्कीम की बसों के विरोध के दौरान दर्ज धारा 307 के कथित झूठे मामले रद्द करना शामिल है। अमृतसर वन डिपो के प्रधान हीरा सिंह ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार के साथ होने वाली बैठक में ठोस फैसला नहीं हुआ तो चंडीगढ़ में विधानसभा और परिवहन मंत्री की कोठी का घेराव किया जाएगा। यूनियन के प्रदेश कैशियर बलजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में आउटसोर्स और कांट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हुआ। कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।