अकाल तख्त साहिब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की कथित पेशी से जुड़ी वीडियो को लेकर चल रहे विवाद के बीच अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा है कि वीडियो की स्वतंत्र फोरेंसिक जांच करवाई जा चुकी है और उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ या एआई तकनीक के इस्तेमाल के प्रमाण नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री भगवंत मान को अभी भी वीडियो की सत्यता पर संदेह है तो वे अपनी पसंद की किसी भी मान्यता प्राप्त फोरेंसिक लैब से इसकी जांच करवा सकते हैं। जत्थेदार ने यह बयान एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी द्वारा फोरेंसिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने के बाद दिया। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब की ओर से पहले भी पंजाब सरकार को जांच के लिए अपनी पसंद की लैबों के नाम बताने को कहा गया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और इससे जुड़े मामलों को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि करती है और अब किसी को भी संदेह है तो वह दोबारा जांच करवाने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने सिख संगत से अकाल तख्त साहिब के आदेशों और मर्यादा का सम्मान करने की अपील भी की।