पंजाब के जल संसाधनों की रक्षा को लेकर प्रमुख किसान संगठनों ने संघर्ष का ऐलान कर दिया है। किसान नेताओं ने सोमवार को सिखों के सर्वोच्च धार्मिक स्थल श्री अकाल तख्त साहिब में अरदास कर पंजाब के पानी बचाने का संकल्प लिया। इस दौरान किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल और हरजिंदर सिंह लखोवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और पूर्व की राज्य सरकारों ने गैर-संवैधानिक समझौतों के जरिए पंजाब के पानी को गैर-रिपेरियन राज्यों को सौंप दिया, जिससे राज्य आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से कमजोर हो गया। बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि 1948 के बाद से पंजाब पर दबाव डालकर ऐसे समझौते कराए गए, जिन्हें कभी भी पंजाब विधानसभा से मंजूरी नहीं मिली।