अमृतसर में बकरीद का त्योहार मुस्लिम समुदाय ने श्रद्धा, अकीदत और उत्साह के साथ मनाया। शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद हाल खैर दीन में हजारों नमाजियों ने ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा की और देश में अमन-चैन, भाईचारे तथा सरबत के भले की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और प्रेम व इंसानियत का संदेश दिया। इस मौके पर पंजाब इस्लामिक कमेटी के सदस्य मोहम्मद यूसुफ मलिक ने बताया कि मौलाना हामिद हुसैन काजमी की अगुवाई में ईद की नमाज अदा की गई। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा कुर्बानी, इंसानियत और आपसी प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से सभी धर्मों के साथ मिलजुल कर रहने और एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होने की अपील की। कार्यक्रम में “द होप अमृतसर” एनजीओ के चेयरमैन डॉ. लखबीर सिंह रंधावा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे के त्योहारों में भाग लेना चाहिए। इससे देश की एकता और भाईचारा मजबूत होता है। कश्मीर से आए रियू रियाज ने कहा कि बकरीद का असली संदेश कुर्बानी और इंसानियत है। उन्होंने लोगों से नफरत और हिंसा से दूर रहकर प्रेम और सद्भाव के साथ जीवन बिताने की अपील की।