पंजाब भर से आज़ाद टैक्सी यूनियन के सदस्य आज अमृतसर में एकत्र हुए और हिमाचल सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हिमाचल में टैक्सी चालकों पर “गुंडा टैक्स” लगाया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण है। यूनियन के प्रधान जसबीर सिंह बोपाराए ने बताया कि टैक्सी चालक पहले ही कई संकटों से जूझ रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान पर्यटन उद्योग ठप हो गया था, जिससे उनकी आय पर गहरा असर पड़ा। इसके बाद बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण ईंधन कीमतों में वृद्धि ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पहले छोटे वाहनों पर 30 रुपये टैक्स था, जिसे बढ़ाकर 70 रुपये और अब 170 रुपये कर दिया गया है। साथ ही तीन महीने का टैक्स भी काफी बढ़ा दिया गया है। उनका कहना है कि वे पहले ही पंजाब और केंद्र सरकार को टैक्स देते हैं, ऐसे में हिमाचल में अलग से टैक्स वसूलना गलत है।