शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने दावा किया है कि अकाल तख्त साहिब सचिवालय की ओर से जारी विवादित वीडियो फोरेंसिक जांच में सही साबित हुई है। उन्होंने कहा कि वीडियो में किसी प्रकार की डिजिटल छेड़छाड़, एआई जनरेशन या मैनिपुलेशन के प्रमाण नहीं मिले हैं। तेजा सिंह समुद्री हॉल में हुई एसजीपीसी की अंतरिम कमेटी की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में धामी ने कहा कि पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीडियो को फर्जी और एआई से तैयार बताया था, लेकिन सरकार ने अपनी पसंद की फोरेंसिक लैबों के नाम तक नहीं बताए। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब की ओर से दो स्वतंत्र लैबों से जांच करवाई गई, जिनकी रिपोर्ट में वीडियो को प्रामाणिक पाया गया है। धामी ने कहा कि अकाल तख्त साहिब सिखों की सर्वोच्च संस्था है और उसके आदेशों का पालन करना हर सिख का कर्तव्य है। उन्होंने सिख समुदाय से सामाजिक बहिष्कार संबंधी आदेशों का पालन करने की अपील भी की। साथ ही बताया कि 27 जून को एसजीपीसी की सामान्य सभा बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से टकराव की बजाय विनम्रता का रास्ता अपनाने की अपील करते हुए कहा कि अकाल तख्त साहिब से बड़ा कोई नहीं है।