हस्तिनापुर कस्बे के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर स्थित भव्य त्रिमूर्ति जिनालय में भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा के समक्ष चल रहे 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के 25वें दिन श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने विधान में भाग लेकर पूजा-अर्चना की। शांतिधारा करने का सौभाग्य लवी जैन, सुनील जैन, मंजू जैन, मनी जैन, प्रवीण जैन, प्रियंक जैन और सुनीता जैन परिवार, अंबाला को प्राप्त हुआ। तीर्थ क्षेत्र कमेटी सदस्य एवं विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने तिलक और माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। मंगल प्रवचन में मुनि 108 सौम्य सागर महाराज ने कहा कि दिगंबर मुनिराज समस्त परिग्रहों का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर चलते हैं। जिनवाणी ही परमौषधि है। भक्ति और मंत्र जाप करने कष्ट दूर होते हैं।