मध्यप्रदेश में छात्रों और युवाओं ने एक अनोखे और प्रतीकात्मक तरीके से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस विरोध का मुख्य कारण केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का हालिया विवादित बयान था, जिसमें उन्होंने जनता द्वारा सौंपे गए मांग पत्र को ‘भीख’ कहकर संबोधित किया था। इस बयान से आक्रोशित एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सरकार से अपने हक की मांग करने के लिए भीख मांगने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रदेश में छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिल रही, जिससे हजारों विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह बड़ी समस्या बन गई है। इसके अलावा, सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया ठप पड़ी है, जिससे प्रदेश के बेरोजगार युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। पिछले कई वर्षों से विभिन्न विभागों में भर्तियां रुकी हुई हैं, जिससे शिक्षित युवाओं को नौकरी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
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कॉलेजों की दयनीय स्थिति पर नाराजगी
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने जिले के प्रमुख महाविद्यालयों की बदहाल स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय को हाल ही में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया गया है, लेकिन अब भी यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
कॉलेज परिसर का निर्माण अधूरा है। शिक्षकों और स्टाफ की भारी कमी है। जरूरी पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। छात्रों ने इस ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की मांग की और कहा कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
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बस सेवा की मांग
उमरिया जिले के छात्रों ने परिवहन सुविधा की समस्या को भी उठाया। उन्होंने बताया कि जिले के आदर्श महाविद्यालय सहित अन्य उच्च शिक्षण संस्थान 5-7 किलोमीटर दूर स्थित हैं। ऐसे में छात्रों को कॉलेज जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह एक बड़ी समस्या है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से नियमित बस सेवा शुरू करने की मांग की, ताकि छात्रों को कॉलेज पहुंचने में असुविधा न हो और उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
युवाओं की चेतावनी: आंदोलन होगा तेज
छात्रों और युवाओं ने सरकार को चेतावनी दी कि वे कोई दया या दान नहीं मांग रहे, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस प्रदर्शन में एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष कृष्णकांत तिवारी, नौरोजाबाद कॉलेज अध्यक्ष आकाश द्विवेदी, अध्यक्ष प्रतिज्ञा सोनी, ओम तिवारी, महासचिव तनवीर खान, अमित जोगी, प्रदीप सिंह, मुस्कान खान, जय यादव, अरुण मेघा बर्मन, विकास अनुराग चतुर्वेदी, सोमदत्त सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा कार्यकर्ता शामिल रहे। अब देखना यह होगा कि सरकार इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन को कितनी गंभीरता से लेती है और युवाओं की मांगों पर क्या कदम उठाती है।