उज्जैन में दो दिन पहले एक ई-रिक्शा चालक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह मक्सी रोड पर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ई-रिक्शा चलाता नजर आया। चालक ने कैबिन के साथ ड्राइवर सीट के अगल-बगल दो लोगों को लटका रखा था, पीछे के पायदान पर दो यात्री खड़े थे, जबकि छत पर सामान रखा हुआ था। हिलते-डुलते ई-रिक्शा में इस तरह यात्रियों की जान जोखिम में डालकर सफर कराया जा रहा था।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और ई-रिक्शा चालक की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद उसकी पहचान शंकरपुर निवासी राकेश चावड़ा के रूप में हुई। पुलिस उसे यातायात थाने लेकर पहुंची, जहां 3700 रुपए का चालान काटा गया। इसके साथ ही चालक से उठक-बैठक भी लगवाई गई। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा करने की अपील की है।
हो सकता था बड़ा हादसा
ई-रिक्शा चालक की लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। क्षमता से अधिक सवारी बैठाने से वाहन का संतुलन बिगड़ने और दुर्घटना होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है।
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रोजगार का बड़ा साधन बन चुका है ई-रिक्शा
धार्मिक नगरी उज्जैन में ई-रिक्शा गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण साधन बन गया है। ई-रिक्शा बेचने वाली कंपनियां कम डाउन पेमेंट पर आसान किस्तों में वाहन उपलब्ध करा रही हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग इस व्यवसाय से जुड़ रहे हैं। ई-रिक्शा चालक प्रतिदिन करीब 1000 रुपए तक की कमाई कर लेते हैं। वहीं कई ई-रिक्शा 300 रुपए प्रतिदिन किराए पर भी संचालित किए जा रहे हैं।