हाईकोर्ट के आदेश पर मुस्लिम वर्ग के व्यक्ति का शव कब्र से निकालने के बाद उसका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शव का पोस्टमार्टम शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है। पूरी प्रक्रिया के दौरान मृतक का याचिकाकर्ता भाई, उसकी पत्नी व बेटा उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि जबलपुर निवासी कसीमुद्दीन कुरैशी की तरफ से हाईकोर्ट में दायर की गई अपील में कहा गया था कि उसका भाई गयासुद्दीन कुरैशी नरसिंहपुर जिले के बोरीपार गांव में रहता था। उसका भाई 26 मार्च 2025 एक हादसे का शिकार हो गया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जबलपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद अगले दिन 27 मार्च को इलाज के लिए नागपुर ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। जबलपुर स्थित अस्पताल की डिस्चार्ज रिपोर्ट में उसके भाई के सीने में चोट का निशान बताए गए थे। ऐसे में मौत को सामान्य नहीं माना जा सकता।
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याचिकाकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले की जांच और पुनः पोस्टमार्टम करवाए जाने की मांग की गई थी। आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। एकलपीठ ने उक्त याचिका खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा था कि मृतक को 27 मार्च 2025 को दफनाया गया था। रिकॉर्ड में कोई सबूत नहीं है कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम और प्रक्रिया में किसी गलत इरादे से कमी की गई है और कानूनी नियमों का उल्लंघन करके किया गया था। हॉस्पिटल डिस्चार्ज समरी में लिखी चोट का सिर्फ जिक्र होना होमीसाइडल मौत या पोस्टमार्टम में की प्रक्रिया को गलत मानते हुए पुनः पोस्टमॉर्टम का आधार नहीं है। जिसके कारण उक्त अपील दायर की गई है।
अपील पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल तथा जस्टिस एके सिंह की युगलपीठ दायर अपील सुनवाई करते हुए कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम कराए जाने के आदेश जारी किए। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता सुबह बुधवार को 11 बजे एसडीएम अधारताल के समक्ष उपस्थित हों और दोपहर 1 बजे तक शव को कब्र से बाहर निकलने के बाद उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया जाए। याचिकाकर्ता निर्धारित समय पर एसडीएम के समक्ष उपस्थित नहीं होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। युगलपीठ ने इस प्रक्रिया में मृतक की पत्नी तथा पुत्र को शामिल होने की अनुमति प्रदान की है। हाईकोर्ट के आदेश का परिपालन करते हुए मदार टेकरी स्थित कब्रिस्तान से मृतक का निर्धारित प्रक्रिया के तहत शव निकालकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।