पश्चिमी करंजिया वन परिक्षेत्र के पंडरी पानी गांव के जंगल में टाइगर के दिखने से ग्राम वासियों में दहशत का माहौल व्याप्त है। टाइगर की दहशत के कारण प्रशासन के द्वारा क्षेत्र के लगभग 25 स्कूलों में पांच दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। टाइगर ने दो दिन पूर्व एक मवेशी का शिकार किया था, जिसके बाद से लोगों ने खेतों में जाना बंद कर दिया है।
रेंजर प्राची मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार पंडरी गांव के जंगल में एक मादा टाइगर पिछले एक सप्ताह से घूम रही है। मादा टाइगर ने दो दिन पूर्व दक्षिण समनापुर वन परिक्षेत्र के रंजरा गांव में एक मवेशी का शिकार किया था। जिसके बाद से लोगों में दहशत बढ़ गयी है। क्षेत्र में टाइगर के भ्रमण को देखते हुए आस-पास के गांव में अलर्ट जारी कर दिया गया है। मादा टाइगर का अंतिम मूवमेंट शनिवार की रात को कैमरे में कैद हुआ था। इसके बाद से उसका कोई मूवमेंट कैद नहीं हुआ है। वन विभाग की तरफ से सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल में छुट्टी घोषित करने आग्रह जनजाति विभाग से किया था।
जनजाति विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर संतोष शुक्ला से प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग के प्रतिवेदन पर विकासखंड करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरी पानी, गोपालपुर, खम्हार खुदरा, चकमी, खारीडीह एवं चौरादादर वन्य क्षेत्र में वन जीव हाथी और बाघ का भ्रमण परिलक्षित है। विद्यालयीन छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में जान का खतरा होने के कारण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 25 प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय में 25 से 29 नवंबर तक अवकाश घोषित किया गया है।