इंदौर में भारतीय जनता पार्टी की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल में है। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा द्वारा नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद खाती समाज में भारी असंतोष फूट पड़ा है। इसी नाराज़गी के चलते मंगलवार को खाती समाज के करीब 20 से 25 सदस्यों ने सामूहिक रूप से भाजपा से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान समाज के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “सुमित मिश्रा मुर्दाबाद” और “सुमित मिश्रा गुंडा है” जैसे नारे लगाए। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय के बाहर लगे बैनर और पोस्टर फाड़ दिए, वहीं परिसर में लगी नामपट्टी पर काली स्याही पोत दी। स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण भी हो गई, जिसके बाद पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। खाती समाज के नेताओं का आरोप है कि नई घोषित 33 सदस्यीय कार्यकारिणी में समाज के लोगों की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। उनका कहना है कि भाजपा संगठन में समाज का वर्षों से सक्रिय योगदान रहा है, इसके बावजूद उन्हें प्रतिनिधित्व से वंचित रखा गया। इससे समाज के कार्यकर्ताओं में गहरी नाराज़गी व्याप्त है। विरोध स्थल पर पहुंचे खाती समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन चौधरी ने स्पष्ट कहा कि जब तक समाज को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की नई टीम में सभी वर्गों को समान अवसर मिलना चाहिए था, लेकिन खाती समाज के साथ भेदभाव किया गया है। समाज के वरिष्ठ नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पार्टी ने जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो विरोध की यह लहर और तेज़ हो सकती है। इंदौर में खाती समाज का यह प्रदर्शन भाजपा संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत माना जा रहा है, जिससे स्थानीय नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है।