ग्वालियर शहर में हाईकोर्ट अधिवक्ता के घर पहुंचकर फायरिंग करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हत्या के प्रयास के एक मामले में समझौता नहीं करने पर तीन बदमाशों ने अधिवक्ता के घर पहुंचकर गोली चला दी। गनीमत रही कि फायरिंग में किसी को गोली नहीं लगी। घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र की सैनिक कॉलोनी की बताई जा रही है।
फायरिंग की आवाज सुनकर इलाके में हड़कंप मच गया। अधिवक्ता ने घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही गोला का मंदिर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। अधिवक्ता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ये भी पढ़ें- दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे सीएम मोहन, अतिवृष्टि राहत की समीक्षा; बोले- बीमारी फैलने न दें
पहले धमकी, फिर घर पर फायरिंग
सैनिक कॉलोनी निवासी हाईकोर्ट अधिवक्ता मनोज भदौरिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ समय पहले एक व्यक्ति के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। इस केस में मयंक तोमर आरोपी था। अधिवक्ता के मुताबिक, उन्होंने मामले में विरोध किया था, जिसके बाद मयंक की जमानत खारिज हो गई थी। इसके बाद से आरोपी के पिता और भाई की ओर से अधिवक्ता पर केस में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि समझौता नहीं करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गई थीं। अधिवक्ता ने इस संबंध में पहले ही विश्वविद्यालय थाने में शिकायत की थी। अधिवक्ता का आरोप है कि शनिवार को मयंक के पिता और भाई के कहने पर गोवर्धन कॉलोनी निवासी मोहित राजावत अपने साथियों किशन जादौन और अभय राजावत के साथ उनके घर पहुंचा। आरोप है कि तीनों ने वहां फायरिंग कर दी।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ा
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से आया और वारदात के पीछे किसकी भूमिका है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों को किसी ने फायरिंग के लिए भेजा था। अधिवक्ता की ओर से पहले ही धमकी और समझौते के दबाव की शिकायत किए जाने के बाद अब पुलिस पुराने विवाद और फायरिंग की घटना को जोड़कर जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गनीमत रही कि फायरिंग के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।