रविवार को अवकाश होने के कारण सड़कों पर लोगों के परिवार के साथ निकलते ही जाम लगना शुरू हो गया। अवकाश के दिन प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही कम होने के कारण सड़कों पर पुलिस भी नहीं थी। दोपहर दो बजे से चार बजे तक वैसे भी यातायात पुलिस सड़कों पर नहीं रहती। शाम चार बजे तक सड़कों पर पुलिस पहुंची, तक जाम विकराल रूप ले चुका था। पुराने भोपाल के भारत टॉकीज से लेकर ऐशबाग तक जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही। जाम में वाहनों के अंदर बुजुर्गों के साथ छोटे और मासूम बच्चों के साथ परिवार के लोग फंसे रहे। स्थानीय युवकों ने कई स्थानों पर वाहनों को निकलवाने का प्रयास भी किया, लेकिन वे भी असहाय नजर आए, क्योंकि दोनों तरफ से बेतरतीब तरीके से वाहन फंस गए थे।
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राजधानी भोपाल के पुराने शहर में दोपहर करीब एक बजे से लगा लंबा जाम शाम करीब छह बजे तक पूरी तरह से खुल सका। सबसे अधिक जाम से प्रभावित क्षेत्र भारत टॉकीज से लेकर सेंट्रल लाइब्रेरी बाग उमराव दूल्हा, ऐशबाग, बरखेड़ी और जिंसी की तरफ आने और जाने वाली सड़कें रहीं। जाम में बड़े वाहनों के साथ दो और चार पहिया वाहन भी फंसे रहे।
कई स्थानों पर हुए विवाद-कहासुनी
बड़े वाहनों के बीच जहां भी स्थान दिख रहा था, स्कूटर, बाइक और ई-रिक्शा चालक वाहन वहीं अपना वाहन लेजाकर खड़ा कर रहे थे। आगे निकलने की होड़ में वाहन चालक जहां स्थान पा रहे, वहीं अपना वाहन लगा रहे थे। ऐसे में वाहन बेतरतीब हो गए थे और जाम खुलवाने में और समय लग गया। कई स्थानों पर वाहनों को निकालने, साइड करने, आगे-पीछे करने की बात को लेकर चालकों में कहासुनी, बहस तक हो गई। पुलिस वालों द्वारा मोर्चा संभालने के बाद भी गाड़ियां इंच-इंच सरकती रहीं। पांच घंटे के जाम में भोपाल के यातायात पुलिस के जवान कहीं पर भी नजर नहीं आए। स्थिति विकराल होने के बाद थाना पुलिस के अधिकारियों ने अपने-अपने थाना क्षेत्र में मैदान पर उतरे, इसके बाद देर शाम छह बजे स्थिति सामान्य हो सकी। पुलिस अधिकारियों की मानें तो बीते सवा साल से बोगदा पुल से वाहनों की आवाजाही बंद है। ऐशबाग की पुलिया भी संकरी है। इसकी वजह से अक्सर यहां जाम लग जाता है।