एक ओर जहां प्रदेश के कई क्षेत्रों में लोग बिजली कटौती से परेशान हैं और विभिन्न स्थानों पर बिजली आपूर्ति को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं लखनऊ में सिटी स्टेशन से जगत नारायण मार्ग तक दिन के उजाले में स्ट्रीट लाइटें जलती नजर आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज धूप और पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी के बावजूद स्ट्रीट लाइटों का जलना बिजली की अनावश्यक खपत और संबंधित विभागों की लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब बिजली बचत और ऊर्जा संरक्षण पर लगातार जोर दिया जा रहा है, तब ऐसी स्थितियां संसाधनों की बर्बादी का उदाहरण बन रही हैं। नागरिकों का कहना है कि जहां एक तरफ आम उपभोक्ता बिजली कटौती और बढ़ते बिलों से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की अनदेखी से सरकारी संसाधनों का नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि स्ट्रीट लाइटों के संचालन की नियमित निगरानी की जाए और ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम को प्रभावी बनाया जाए, ताकि दिन में अनावश्यक रूप से जल रही लाइटों को समय पर बंद किया जा सके और बिजली की बचत सुनिश्चित हो।