मौसम में बदलाव के साथ ठंड बढ़ती जा रही है। ऐसे में निराश्रित लोगों के लिए राजधानी लखनऊ में रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। अमर उजाला ने गुरुवार की रात को रैन बसेरों की स्थिति को जाना। जो कि काफी अच्छे नहीं मिले। कहीं लोग किसी तरह रात काट रहे हैं तो कहीं अंधेरा छाया हुआ है। इस कारण लोग पहुंचे ही नहीं। आइए जानते हैं कहां कैसी व्यवस्था है? रात 9 बजे... डालीगंज रैन बसेरा- यहां लाइट ही नहीं मिली। इस कारण यहां रहने के लिए कोई नहीं आया। बेड सब खाली पड़े मिले। बिजली विभाग ने बिल न जमे होने के कारण बिजली काट दी है। रात 9:30 बजे... सीतापुर रोड ताड़ीखाना क्रॉसिंग के पास स्थित रैन बसेरा- यहां समस्याओं का अंबार मिला। रैन बसेरे में रुके लोगों के लिए ना पानी की व्यवस्था है और ना ही ठीक से रहने की। रजाई और गद्दे फटे हुए हैं। इस रैन बसेरे में 50 लोगों के रहने की क्षमता है। लेकिन, संभव है कि रात जागकर ही काटनी पड़े। यहां रुके लोगों ने अपनी समस्याएं बताईं। कहा कि ओढ़ने और बिछाने के लिए बिस्तर नहीं हैं। समय पर साफ-सफाई भी नहीं होती है। हम लोग खुद ही सफाई करते हैं। रात 10 बजे... पल्टन छावनी रैन बसेरा-यहां पर भी 50 लोगों की रुकने की व्यवस्था है। बेड लगाए गए हैं। क्षमता से अधिक लोगों के पहुंचने पर उन्हें रोक लिया गया। हालांकि संख्या ज्यादा होने के कारण हाल में जमीन में लेटना पड़ा। लेकिन, गनीमत रही कि ठंडी रात कुले आसमान के नीचे नहीं बितानी पड़ी।