जम्मू-कश्मीर पुलिस के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ जम्मू ज़ोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) भीम साइन टूट्टी, जम्मू-कश्मीर पुलिस के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) शिव कुमार शर्मा, सीमा सुरक्षा बल के उप महानिरीक्षक छत्तर पाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। दरबार के दौरान डीजीपी ने उप-जिला आरएसपुरा के ग्राम रक्षा दल (वीडीजी/वीडीसी) सदस्यों के साथ विस्तृत वार्ता की। वार्ता में सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, पुलिस व सुरक्षा बलों के बीच तालमेल, ग्राम रक्षा दल सदस्यों की तैयारी और जन सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा की गई। डीजीपी नलिन प्रभात ने सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और सतर्कता बरतने में ग्राम रक्षा दल सदस्यों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में इन सदस्यों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि निरंतर सतर्कता, आपसी तालमेल और समय पर सूचना साझा करना सुरक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाता है। डीजीपी ने आश्वासन दिया कि दरबार में ग्राम रक्षा दल सदस्यों द्वारा उठाए गए वाजिब मुद्दों और कार्य संबंधी आवश्यकताओं की जांच की जाएगी और उन्हें उचित रूप से पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि इस दरबार का मुख्य उद्देश्य ग्राम रक्षा दल सदस्यों के साथ बेहतर तालमेल, कार्य संबंधी सहयोग और प्रशिक्षण को लेकर चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से वे ग्राम रक्षा दल सदस्यों का धन्यवाद भी करना चाहते हैं, जो दिन-रात पुलिस बल के साथ मिलकर सुरक्षा बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। डीजीपी ने यह भी कहा कि आगे भी ऐसे संवाद आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि सीमा और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।