श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में एक सभा को संबोधित करते हुए, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "छह साल से ज़्यादा समय बीत चुका है जब जम्मू-कश्मीर के लोगों ने आखिरी बार अपने प्रतिनिधि को यहाँ से संबोधित करते सुना था। जब मैंने आखिरी बार इस मंच से भाषण दिया था, तब मैं एक राज्य का मुख्यमंत्री था। देश में हमारी अपनी पहचान थी, एक संविधान, एक झंडा और राज्य का दर्जा। आज, इनमें से कुछ भी नहीं बचा है। लोकतंत्र बहाल होने में भी समय लगा, लेकिन देर आए दुरुस्त आए। आज, लोगों के पास आखिरकार एक बार फिर अपनी सरकार है... हमें थोड़ी उम्मीद थी कि 15 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के लिए कोई बड़ी घोषणा होगी। मुझे तो यह भी बताया गया था कि (राज्य के दर्जे के लिए) कागज़ात तैयार किए जा रहे हैं। हमने इंतज़ार किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ।